व्रत और त्योहार
संकष्टी चतुर्थी 2027
2027 की सभी संकष्टी चतुर्थी नई दिल्ली के लिए: गणेश जी का स्वरूप, व्रत का दिन, चंद्रोदय का समय, और अंगारकी, सकट चौथ और करवा चौथ।
| तारीख़ | संकष्टी | तिथि | चंद्रोदय |
|---|---|---|---|
| सोम, 25 जन॰ | लंबोदर संकष्टीमाघ, कृष्ण चतुर्थी (अमांत पौष) | आरंभ: 25 जन॰, 08:11 समाप्त: 26 जन॰, 06:01 | चंद्रोदय 21:16सकट चौथ |
| बुध, 24 फ़र॰ | द्विजप्रिय संकष्टीफाल्गुन, कृष्ण चतुर्थी (अमांत माघ) | आरंभ: 23 फ़र॰, 21:49 समाप्त: 24 फ़र॰, 20:41 | चंद्रोदय 22:03 |
| गुरु, 25 मार्च | भालचंद्र संकष्टीचैत्र, कृष्ण चतुर्थी (अमांत फाल्गुन) | आरंभ: 25 मार्च, 12:38 समाप्त: 26 मार्च, 12:44 | चंद्रोदय 21:49 |
| शनि, 24 अप्रैल | विकट संकष्टीवैशाख, कृष्ण चतुर्थी (अमांत चैत्र) | आरंभ: 24 अप्रैल, 04:21 समाप्त: 25 अप्रैल, 05:42 | चंद्रोदय 22:32 |
| रवि, 23 मई | एकदंत संकष्टीज्येष्ठ, कृष्ण चतुर्थी (अमांत वैशाख) | आरंभ: 23 मई, 20:42 समाप्त: 24 मई, 23:00 | चंद्रोदय 22:03 |
| मंगल, 22 जून | कृष्णपिंगल संकष्टीआषाढ़, कृष्ण चतुर्थी (अमांत ज्येष्ठ) | आरंभ: 22 जून, 13:08 समाप्त: 23 जून, 15:43 | चंद्रोदय 21:57अंगारकी (मंगलवार) |
| गुरु, 22 जुल॰ | गजानन संकष्टीश्रावण, कृष्ण चतुर्थी (अमांत आषाढ़) | आरंभ: 22 जुल॰, 04:47 समाप्त: 23 जुल॰, 06:57 | चंद्रोदय 21:27 |
| शुक्र, 20 अग॰ | हेरंब संकष्टीभाद्रपद, कृष्ण चतुर्थी (अमांत श्रावण) | आरंभ: 20 अग॰, 18:54 समाप्त: 21 अग॰, 20:05 | चंद्रोदय 20:27बहुला चतुर्थी |
| रवि, 19 सित॰ | विघ्नराज संकष्टीआश्विन, कृष्ण चतुर्थी (अमांत भाद्रपद) | आरंभ: 19 सित॰, 07:10 समाप्त: 20 सित॰, 07:09 | चंद्रोदय 20:08 |
| सोम, 18 अक्टू॰ | वक्रतुंड संकष्टीकार्तिक, कृष्ण चतुर्थी (अमांत आश्विन) | आरंभ: 18 अक्टू॰, 17:52 समाप्त: 19 अक्टू॰, 16:43 | चंद्रोदय 19:35करवा चौथ |
| बुध, 17 नव॰ | गणाधिप संकष्टीमार्गशीर्ष, कृष्ण चतुर्थी (अमांत कार्तिक) | आरंभ: 17 नव॰, 03:42 समाप्त: 18 नव॰, 01:36 | चंद्रोदय 20:26 |
| गुरु, 16 दिस॰ | आखुरथ संकष्टीपौष, कृष्ण चतुर्थी (अमांत मार्गशीर्ष) | आरंभ: 16 दिस॰, 13:22 समाप्त: 17 दिस॰, 10:35 | चंद्रोदय 20:30 |
संकष्टी चतुर्थी हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को भगवान गणेश का व्रत है; संकष्टी का अर्थ है संकट से मुक्ति। भक्त सूर्योदय से व्रत रखते हैं, शाम को गणेश पूजा करते हैं और रात को चाँद देखकर, उसे अर्घ्य देकर व्रत खोलते हैं। हर महीने गणेश जी के अलग स्वरूप की पूजा होती है।
व्रत उस दिन होता है जिस दिन चंद्रोदय के समय चतुर्थी हो; अगर दोनों दिन ऐसा हो तो पहले दिन, और अगर किसी दिन न हो तो उस दिन जिसके सूर्योदय पर चतुर्थी हो। मंगलवार की संकष्टी अंगारकी कहलाती है और सबसे शुभ मानी जाती है। माघ की संकष्टी सकट चौथ और कार्तिक की करवा चौथ है।
समय नई दिल्ली के भारतीय मानक समय (IST) में हैं। सूर्योदय पर आधारित तारीख़ें दूसरे शहरों में एक दिन अलग हो सकती हैं, इसलिए दिल्ली से दूर रहते हों तो स्थानीय पंचांग देखें।
अन्य व्रत कैलेंडर
पूजा में पढ़ें
- गणेश चालीसा
विघ्नहर्ता गणेश जी की स्तुति, जिसका पाठ बुधवार, संकष्टी और गणेश चतुर्थी पर और हर शुभ काम से पहले किया जाता है।
गणेश आरती
सवाल-जवाब
संकष्टी चतुर्थी से जुड़े सवाल
संकष्टी का व्रत कब खोलें?
रात को चंद्रोदय के बाद, चाँद को अर्घ्य देकर। हर संकष्टी का चंद्रोदय समय तालिका में है; दूसरे शहरों में यह कुछ मिनट अलग होता है।
अंगारकी संकष्टी क्या है?
जब संकष्टी चतुर्थी मंगलवार को पड़े। इसे बहुत शुभ माना जाता है; तालिका में ऐसे दिन अलग से चिह्नित हैं।