व्रत और त्योहार
पूर्णिमा 2028: सभी तिथियाँ
2028 की सभी पूर्णिमा तिथियाँ नई दिल्ली के लिए: मास का नाम, तिथि आरंभ और समाप्ति का समय, और पूर्णिमा व्रत का दिन।
| तारीख़ | पूर्णिमा | तिथि | पूर्णिमा व्रत |
|---|---|---|---|
| बुध, 12 जन॰ | पौष पूर्णिमापौष, शुक्ल पूर्णिमा | आरंभ: 11 जन॰, 12:46 समाप्त: 12 जन॰, 09:33 | व्रत मंगल, 11 जन॰ को |
| गुरु, 10 फ़र॰ | माघ पूर्णिमामाघ, शुक्ल पूर्णिमा | आरंभ: 10 फ़र॰, 00:17 समाप्त: 10 फ़र॰, 20:34 | उसी दिन |
| शनि, 11 मार्च | फाल्गुन पूर्णिमाफाल्गुन, शुक्ल पूर्णिमा | आरंभ: 10 मार्च, 10:21 समाप्त: 11 मार्च, 06:36 | व्रत शुक्र, 10 मार्च को |
| रवि, 9 अप्रैल | चैत्र पूर्णिमाचैत्र, शुक्ल पूर्णिमा | आरंभ: 8 अप्रैल, 19:12 समाप्त: 9 अप्रैल, 15:57 | उसी दिन |
| सोम, 8 मई | वैशाख पूर्णिमावैशाख, शुक्ल पूर्णिमा | आरंभ: 8 मई, 03:33 समाप्त: 9 मई, 01:19 | उसी दिन |
| बुध, 7 जून | ज्येष्ठ पूर्णिमाज्येष्ठ, शुक्ल पूर्णिमा | आरंभ: 6 जून, 12:30 समाप्त: 7 जून, 11:39 | व्रत मंगल, 6 जून को |
| गुरु, 6 जुल॰ | आषाढ़ पूर्णिमाआषाढ़, शुक्ल पूर्णिमा | आरंभ: 5 जुल॰, 23:04 समाप्त: 6 जुल॰, 23:41 | उसी दिन |
| शनि, 5 अग॰ | श्रावण पूर्णिमाश्रावण, शुक्ल पूर्णिमा | आरंभ: 4 अग॰, 11:52 समाप्त: 5 अग॰, 13:40 | व्रत शुक्र, 4 अग॰ को |
| रवि, 3 सित॰ | भाद्रपद पूर्णिमाभाद्रपद, शुक्ल पूर्णिमा | आरंभ: 3 सित॰, 02:53 समाप्त: 4 सित॰, 05:18 | उसी दिन |
| मंगल, 3 अक्टू॰ | आश्विन पूर्णिमाआश्विन, शुक्ल पूर्णिमा | आरंभ: 2 अक्टू॰, 19:34 समाप्त: 3 अक्टू॰, 21:55 | उसी दिन |
| गुरु, 2 नव॰ | कार्तिक पूर्णिमाकार्तिक, शुक्ल पूर्णिमा | आरंभ: 1 नव॰, 13:09 समाप्त: 2 नव॰, 14:47 | व्रत बुध, 1 नव॰ को |
| शुक्र, 1 दिस॰ | मार्गशीर्ष पूर्णिमामार्गशीर्ष, शुक्ल पूर्णिमा | आरंभ: 1 दिस॰, 06:41 समाप्त: 2 दिस॰, 07:10 | उसी दिन |
| रवि, 31 दिस॰ | पौष पूर्णिमापौष, शुक्ल पूर्णिमा | आरंभ: 30 दिस॰, 23:15 समाप्त: 31 दिस॰, 22:18 | उसी दिन |
पूर्णिमा हर चंद्र मास की पंद्रहवीं तिथि है, जब चंद्रमा पूरा दिखता है, और शुक्ल पक्ष यहीं समाप्त होता है। इस दिन स्नान, दान, सत्यनारायण पूजा और व्रत की परंपरा है। गुरु पूर्णिमा (आषाढ़), रक्षा बंधन (श्रावण), शरद पूर्णिमा (आश्विन), कार्तिक पूर्णिमा और होली (फाल्गुन) जैसे पर्व इन्हीं पूर्णिमाओं पर आते हैं, हालाँकि हर पर्व के अपने समय-नियम हैं और उसकी तारीख़ एक दिन आगे-पीछे हो सकती है।
पूर्णिमा का दिन वह है जिस दिन सूर्योदय के समय पूर्णिमा हो। व्रत कभी-कभी एक दिन पहले रखा जाता है: अगर पूर्णिमा पिछले दिन के मध्याह्न तक शुरू हो जाए, तो व्रत उसी पिछले दिन होता है। तालिका में दोनों दिन दिखाए गए हैं।
समय नई दिल्ली के भारतीय मानक समय (IST) में हैं। सूर्योदय पर आधारित तारीख़ें दूसरे शहरों में एक दिन अलग हो सकती हैं, इसलिए दिल्ली से दूर रहते हों तो स्थानीय पंचांग देखें।
अन्य व्रत कैलेंडर
पूजा में पढ़ें
- लक्ष्मी चालीसा
समृद्धि के लिए माँ लक्ष्मी की चालीस चौपाइयों वाली स्तुति, जिसका पाठ शुक्रवार, दिवाली, धनतेरस और शरद पूर्णिमा पर होता है।
लक्ष्मी आरती - हनुमान चालीसा
तुलसीदास रचित हनुमान जी की चालीस चौपाइयों वाली स्तुति, जिसका पाठ साहस, रक्षा और मंगल व शनि के लिए किया जाता है।
हनुमान स्तुति
सवाल-जवाब
पूर्णिमा से जुड़े सवाल
पूर्णिमा व्रत किस दिन रखें?
जिस दिन पूर्णिमा व्रत लिखा हो। ज़्यादातर बार यह पूर्णिमा का ही दिन होता है, पर अगर पूर्णिमा पिछले दिन मध्याह्न तक शुरू हो गई हो तो व्रत पिछले दिन रखा जाता है।
क्या ये तारीख़ें मेरे शहर के लिए सही हैं?
तारीख़ें नई दिल्ली के सूर्योदय से निकाली गई हैं और प्रमुख पंचांगों से मिलाई गई हैं। दिल्ली से बहुत दूर, ख़ासकर विदेश में, दिन एक अलग हो सकता है।