त्योहार मुहूर्त
हनुमान जयंती
हनुमान जयंती (चैत्र पूर्णिमा) की तारीख़, पूर्णिमा का समय और बड़े शहरों में सूर्योदय।
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हनुमान जयंती · नई दिल्ली
मंगलवार, 20 अप्रैल 2027
सूर्योदय
5:51 am
- पूर्णिमा आरंभ
- 4:52 am
- पूर्णिमा समाप्त
- 3:57 am, 21 अप्रैल
उत्तर भारत में हनुमान जयंती चैत्र पूर्णिमा को मनाई जाती है। मान्यता है कि हनुमान जी का जन्म सूर्योदय के समय हुआ था, इसलिए उत्सव सुबह से शुरू होता है; मंदिरों में भोर से ही पूजा, हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ होता है।
हनुमान जयंती उस दिन होती है जिस दिन सूर्योदय के समय पूर्णिमा हो। कई जगहों पर, जैसे दक्षिण भारत में, यह अलग तिथियों पर मनाई जाती है: तमिलनाडु में मार्गशीर्ष अमावस्या और आंध्र-तेलंगाना में वैशाख कृष्ण दशमी को।
भारत के शहरों का समय भारतीय मानक समय (IST) में है और विदेश के शहरों का वहाँ के स्थानीय समय में; सब प्रमुख पंचांगों से एक-दो मिनट के भीतर मिलते हैं। जो शहर सूची में नहीं है, उसका समय आमतौर पर सबसे पास के शहर से कुछ ही मिनट अलग होता है।
त्योहार और व्रत कैलेंडर
पूजा में पढ़ें
- हनुमान चालीसा
तुलसीदास रचित हनुमान जी की चालीस चौपाइयों वाली स्तुति, जिसका पाठ साहस, रक्षा और मंगल व शनि के लिए किया जाता है।
हनुमान स्तुति - राम चालीसा
श्री राम की स्तुति, जिसका पाठ राम नवमी, चैत्र नवरात्रि और गुरुवार को राम नाम की महिमा के लिए किया जाता है।
श्री रामचन्द्र कृपालु
सवाल-जवाब
हनुमान जयंती से जुड़े सवाल
हनुमान जयंती पर क्या करें?
सुबह स्नान करके हनुमान जी को सिंदूर, चमेली का तेल, लाल फूल और बूँदी या गुड़-चने का भोग चढ़ाएँ, और हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करें।