त्योहार मुहूर्त

नवरात्रि घटस्थापना मुहूर्त

शारदीय नवरात्रि की तारीख़, घटस्थापना का शुभ मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त, प्रतिपदा का समय और बड़े शहरों का मुहूर्त।

Read in English

अगली नवरात्रि

नवरात्रि · नई दिल्ली

गुरुवार, 30 सितंबर 2027

घटस्थापना मुहूर्त

8:06 am – 10:12 am

2 घंटा 5 मिनट

अभिजित मुहूर्त

11:47 am – 12:35 pm

48 मिनट

प्रतिपदा आरंभ
8:06 am
प्रतिपदा समाप्त
5:36 am, 1 अक्टू॰
WhatsApp पर भेजें

शारदीय नवरात्रि, देवी की नौ रातें, आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से शरद ऋतु में शुरू होती है। हर दिन माँ दुर्गा के एक रूप की पूजा होती है: शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री। अंत में दुर्गा अष्टमी, महानवमी और विजयादशमी (दशहरा) आते हैं।

नवरात्रि घटस्थापना से शुरू होती है, यानी देवी का आवाहन करने वाले कलश की स्थापना। यह दिन के पहले तिहाई भाग में, प्रतिपदा रहते हुए, वैधृति योग और चित्रा नक्षत्र को छोड़कर की जाती है, और सबसे अच्छी तब है जब कन्या जैसा कोई द्विस्वभाव लग्न उदय हो रहा हो। यह संभव न हो तो दोपहर का अभिजित मुहूर्त लिया जाता है, पर बुधवार को नहीं।

कभी प्रतिपदा सूर्योदय के बाद शुरू होकर अगले सूर्योदय से पहले समाप्त हो जाती है; तब घटस्थापना उसी दिन होती है जिस दिन वह शुरू हुई। तिथियों के घटने-बढ़ने से नवरात्रि आठ से दस दिन की हो सकती है, इसलिए अष्टमी और नवमी की सटीक तारीख़ पंचांग में देखें।

समय भारतीय मानक समय (IST) में हैं और प्रमुख पंचांगों से एक-दो मिनट के भीतर मिलते हैं। जो शहर सूची में नहीं है, उसका समय आमतौर पर सबसे पास के शहर से कुछ ही मिनट अलग होता है।

त्योहार और व्रत कैलेंडर

पूजा में पढ़ें

  • दुर्गा चालीसा

    माँ दुर्गा की चालीस चौपाइयों वाली स्तुति, जिसका पाठ नवरात्रि, शुक्रवार और अष्टमी पर शक्ति और रक्षा के लिए किया जाता है।

    दुर्गा आरती

सवाल-जवाब

नवरात्रि से जुड़े सवाल

घटस्थापना क्या है?

नवरात्रि के पहले दिन मिट्टी के पात्र में जौ बोकर उस पर जल से भरा कलश स्थापित करना, जिसमें देवी का आवाहन होता है। यह नौ दिन की पूजा की शुरुआत है।

बुधवार को अभिजित मुहूर्त क्यों नहीं लेते?

परंपरा में अभिजित मुहूर्त बुधवार को शुभ नहीं माना जाता, इसलिए उस दिन यह विकल्प नहीं दिया जाता।

क्या हर शहर में मुहूर्त एक ही है?

नहीं, मुहूर्त सूर्योदय और लग्न से निकलता है। ऊपर 15 शहरों का मुहूर्त दिया गया है।