त्योहार मुहूर्त
राम नवमी मुहूर्त
राम नवमी की तारीख़, मध्याह्न पूजा मुहूर्त, मध्याह्न का क्षण, नवमी का समय और बड़े शहरों का मुहूर्त।
अगली राम नवमी
राम नवमी · नई दिल्ली
गुरुवार, 15 अप्रैल 2027
मध्याह्न मुहूर्त
11:04 am – 1:39 pm
2 घंटा 35 मिनट
- मध्याह्न का क्षण (राम जन्म)
- 12:22 pm
- नवमी आरंभ
- 3:24 pm, 14 अप्रैल
- नवमी समाप्त
- 1:21 pm
राम नवमी चैत्र शुक्ल नवमी को भगवान राम के जन्म का उत्सव है, जो चैत्र नवरात्रि का अंतिम दिन भी है। मान्यता है कि राम का जन्म दोपहर में, पुनर्वसु नक्षत्र और कर्क लग्न में हुआ था, इसलिए पूजा मध्याह्न में होती है।
राम नवमी उस दिन होती है जिस दिन दोपहर (मध्याह्न के क्षण) में नवमी हो; अगर किसी दिन न हो तो उस दिन जिसके सूर्योदय पर नवमी हो। पूजा मुहूर्त मध्याह्न है, यानी दिन का बीच वाला पाँचवाँ भाग, और जन्म का क्षण उसके ठीक बीच में।
इस दिन व्रत रखा जाता है, रामचरितमानस का पाठ होता है, और अयोध्या समेत हर राम मंदिर में दोपहर को जन्मोत्सव मनाया जाता है।
भारत के शहरों का समय भारतीय मानक समय (IST) में है और विदेश के शहरों का वहाँ के स्थानीय समय में; सब प्रमुख पंचांगों से एक-दो मिनट के भीतर मिलते हैं। जो शहर सूची में नहीं है, उसका समय आमतौर पर सबसे पास के शहर से कुछ ही मिनट अलग होता है।
त्योहार और व्रत कैलेंडर
पूजा में पढ़ें
- राम चालीसा
श्री राम की स्तुति, जिसका पाठ राम नवमी, चैत्र नवरात्रि और गुरुवार को राम नाम की महिमा के लिए किया जाता है।
श्री रामचन्द्र कृपालु - हनुमान चालीसा
तुलसीदास रचित हनुमान जी की चालीस चौपाइयों वाली स्तुति, जिसका पाठ साहस, रक्षा और मंगल व शनि के लिए किया जाता है।
हनुमान स्तुति
सवाल-जवाब
राम नवमी से जुड़े सवाल
राम नवमी की पूजा दोपहर में क्यों होती है?
वाल्मीकि रामायण के अनुसार राम का जन्म दोपहर में हुआ था, इसलिए जन्मोत्सव और पूजा मध्याह्न में की जाती है।
क्या हर शहर में मुहूर्त एक ही है?
नहीं, मध्याह्न सूर्योदय और सूर्यास्त से निकलता है। ऊपर 15 शहरों का मुहूर्त दिया गया है।