व्रत और त्योहार

अमावस्या 2028: सभी तिथियाँ

2028 की सभी अमावस्या तिथियाँ नई दिल्ली के लिए: मास का नाम, तिथि आरंभ और समाप्ति का समय, दर्श अमावस्या, सोमवती और शनि अमावस्या।

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तारीख़अमावस्यातिथिटिप्पणी
बुध, 26 जन॰माघ अमावस्यामाघ, कृष्ण अमावस्या (अमांत पौष)आरंभ: 25 जन॰, 18:18
समाप्त: 26 जन॰, 20:43
शुक्र, 25 फ़र॰फाल्गुन अमावस्याफाल्गुन, कृष्ण अमावस्या (अमांत माघ)आरंभ: 24 फ़र॰, 13:27
समाप्त: 25 फ़र॰, 16:08
दर्श अमावस्या (श्राद्ध): गुरु, 24 फ़र॰
रवि, 26 मार्चचैत्र अमावस्याचैत्र, कृष्ण अमावस्या (अमांत फाल्गुन)आरंभ: 25 मार्च, 07:57
समाप्त: 26 मार्च, 10:01
दर्श अमावस्या (श्राद्ध): शनि, 25 मार्च
सोम, 24 अप्रैलवैशाख अमावस्यावैशाख, कृष्ण अमावस्या (अमांत चैत्र)आरंभ: 24 अप्रैल, 00:21
समाप्त: 25 अप्रैल, 01:17
सोमवती अमावस्या (सोमवार)
बुध, 24 मईज्येष्ठ अमावस्याज्येष्ठ, कृष्ण अमावस्या (अमांत वैशाख)आरंभ: 23 मई, 14:10
समाप्त: 24 मई, 13:46
दर्श अमावस्या (श्राद्ध): मंगल, 23 मई
गुरु, 22 जूनआषाढ़ अमावस्याआषाढ़, कृष्ण अमावस्या (अमांत ज्येष्ठ)आरंभ: 22 जून, 01:38
समाप्त: 22 जून, 23:58
शनि, 22 जुल॰श्रावण अमावस्याश्रावण, कृष्ण अमावस्या (अमांत आषाढ़)आरंभ: 21 जुल॰, 11:18
समाप्त: 22 जुल॰, 08:32
दर्श अमावस्या (श्राद्ध): शुक्र, 21 जुल॰शनि अमावस्या (शनिवार)
रवि, 20 अग॰भाद्रपद अमावस्याभाद्रपद, कृष्ण अमावस्या (अमांत श्रावण)आरंभ: 19 अग॰, 19:48
समाप्त: 20 अग॰, 16:14
सोम, 18 सित॰आश्विन अमावस्याआश्विन, कृष्ण अमावस्या (अमांत भाद्रपद)आरंभ: 18 सित॰, 03:47
समाप्त: 18 सित॰, 23:54
सोमवती अमावस्या (सोमवार)
बुध, 18 अक्टू॰कार्तिक अमावस्याकार्तिक, कृष्ण अमावस्या (अमांत आश्विन)आरंभ: 17 अक्टू॰, 12:05
समाप्त: 18 अक्टू॰, 08:27
दर्श अमावस्या (श्राद्ध): मंगल, 17 अक्टू॰
गुरु, 16 नव॰मार्गशीर्ष अमावस्यामार्गशीर्ष, कृष्ण अमावस्या (अमांत कार्तिक)आरंभ: 15 नव॰, 21:35
समाप्त: 16 नव॰, 18:48
शनि, 16 दिस॰पौष अमावस्यापौष, कृष्ण अमावस्या (अमांत मार्गशीर्ष)आरंभ: 15 दिस॰, 09:01
समाप्त: 16 दिस॰, 07:36
दर्श अमावस्या (श्राद्ध): शुक्र, 15 दिस॰शनि अमावस्या (शनिवार)

अमावस्या हर चंद्र मास की तीसवीं तिथि है, जब चंद्रमा दिखाई नहीं देता, और कृष्ण पक्ष यहीं समाप्त होता है। यह पितरों के श्राद्ध और तर्पण, दान और शांति के उपायों का दिन है। सोमवार को पड़ने वाली अमावस्या सोमवती और शनिवार को पड़ने वाली शनि अमावस्या कहलाती है। मौनी अमावस्या (माघ), सर्व पितृ अमावस्या और दीपावली (कार्तिक) जैसे पर्व इन्हीं अमावस्याओं पर आते हैं, पर उनके अपने समय-नियम हैं।

अमावस्या का दिन वह है जिस दिन सूर्योदय के समय अमावस्या हो। श्राद्ध के लिए दर्श अमावस्या कभी-कभी एक दिन पहले होती है: अगर अमावस्या पिछले दिन के अपराह्न तक शुरू हो जाए। तालिका में दोनों दिन दिखाए गए हैं।

समय नई दिल्ली के भारतीय मानक समय (IST) में हैं। सूर्योदय पर आधारित तारीख़ें दूसरे शहरों में एक दिन अलग हो सकती हैं, इसलिए दिल्ली से दूर रहते हों तो स्थानीय पंचांग देखें।

अन्य व्रत कैलेंडर

पूजा में पढ़ें

  • शनि चालीसा

    शनिदेव की चालीस चौपाइयों वाली स्तुति, जिसका पाठ शनिवार को और साढ़ेसाती व ढैय्या में शनि के कष्ट कम करने के लिए किया जाता है।

    शनि आरती
  • दुर्गा चालीसा

    माँ दुर्गा की चालीस चौपाइयों वाली स्तुति, जिसका पाठ नवरात्रि, शुक्रवार और अष्टमी पर शक्ति और रक्षा के लिए किया जाता है।

    दुर्गा आरती

सवाल-जवाब

अमावस्या से जुड़े सवाल

दर्श अमावस्या क्या है?

श्राद्ध और तर्पण के लिए मानी जाने वाली अमावस्या। अगर अमावस्या पिछले दिन अपराह्न तक शुरू हो जाए, तो दर्श अमावस्या उसी पिछले दिन होती है, वरना अमावस्या के दिन ही।

सोमवती अमावस्या कब है?

जब अमावस्या का दिन सोमवार हो। तालिका में ऐसी अमावस्याएँ और शनि अमावस्या (शनिवार) अलग से चिह्नित हैं।