ख़ुद को बेहतर जानिए

मुफ़्त साइकोलॉजी टेस्ट

दो छोटे, मुफ़्त टेस्ट, जो आपको समझने में मदद करते हैं कि आप कैसे सोचते हैं और आपका स्वभाव कैसा है। रीज़निंग टेस्ट या बिग फ़ाइव पर्सनैलिटी टेस्ट दीजिए, छोटा नतीजा तुरंत देखिए, और बाद में तय कीजिए कि आपको पूरी रिपोर्ट चाहिए या नहीं।

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कुछ हल्का-फुल्का: मुफ़्त टैरो रीडिंग

एक सवाल पूछिए और छह कार्ड निकालिए। आपका सवाल आपके डिवाइस से बाहर नहीं जाता।

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यहाँ कौन-से टेस्ट हैं

आईक्यू टेस्ट में छह स्किल्स पर 30 ओरिजिनल रीज़निंग पहेलियाँ हैं: पैटर्न, सीक्वेंस, संख्याएँ, लॉजिक, शब्द और अर्थ, और आकृति और दिशा। इसमें कोई टाइमर नहीं है और लगभग 20 मिनट लगते हैं। आपका मुफ़्त नतीजा 1 से 6 तक का एक लेवल है।

पर्सनैलिटी टेस्ट बिग फ़ाइव पर आधारित है, जो पर्सनैलिटी रिसर्च में बहुत इस्तेमाल होने वाला मॉडल है। आप अपने बारे में 50 छोटे वाक्यों को रेट करते हैं, जिसमें लगभग 8 मिनट लगते हैं, और आपका मुफ़्त नतीजा आपका सबसे मज़बूत गुण है।

दोनों टेस्ट और उनके छोटे नतीजे मुफ़्त हैं। हर टेस्ट की एक पूरी रिपोर्ट भी है, जो चाहें तो ₹100 (भारत के बाहर US$2) में ले सकते हैं, और इसे सिर्फ़ 18 साल या उससे ज़्यादा उम्र के लोग ख़रीद सकते हैं।

कम उम्र में ख़ुद को जानना क्यों काम आता है

कॉलेज और बीस-पच्चीस की उम्र फ़ैसलों से भरी होती है: क्या पढ़ें, कौन-सा काम आज़माएँ, किसके साथ वक़्त बिताएँ। जब आप जानते हैं कि आप कैसे सोचते हैं और किस चीज़ से आपको ऊर्जा मिलती है, तो ये फ़ैसले थोड़े कम अंदाज़े वाले हो जाते हैं।

रीज़निंग टेस्ट दिखाता है कि किस तरह के सवाल आपको आसानी से आते हैं और किनमें ज़्यादा प्रैक्टिस चाहिए। पर्सनैलिटी टेस्ट उन आदतों को शब्द देता है जो आपने शायद महसूस तो की हैं पर कभी नाम नहीं दिया, जैसे ग्रुप प्रोजेक्ट से आप थक क्यों जाते हैं, या डेडलाइन आते ही आपका सबसे अच्छा काम क्यों निकलता है।

कोई भी टेस्ट यह नहीं बताता कि आपको कैसा होना चाहिए। ये सोचने की एक शुरुआत देते हैं, और दोस्तों, परिवार या किसी मेंटर से बात करने के लिए कुछ ठोस बातें।

आपकी प्राइवेसी

टेस्ट देने या मुफ़्त नतीजा देखने के लिए न साइन-अप करना है, न नाम या ईमेल देना है। आपके जवाब गुमनाम रहते हैं, जब तक आप ख़ुद पूरी रिपोर्ट ख़रीदने का फ़ैसला न करें, जिसके ऑर्डर के लिए कुछ जानकारी चाहिए होती है।

गुमनाम स्कोर, जिनमें आपकी पहचान बताने वाली कोई बात नहीं होती, दूसरे टेस्ट देने वालों से तुलना बनाने में मदद करते हैं। यह तुलना पूरी रिपोर्ट में तब दिखती है जब काफ़ी लोग टेस्ट दे चुके हों।

इन टेस्ट की सीमाएँ

ये ख़ुद को समझने और मज़े के लिए बने अनौपचारिक टेस्ट हैं। आईक्यू टेस्ट कोई क्लिनिकल या मानक आईक्यू जाँच नहीं है और कोई आईक्यू नंबर नहीं देता। पर्सनैलिटी टेस्ट अपने बारे में भरी जाने वाली एक प्रश्नावली है, किसी भी तरह का डायग्नोसिस नहीं।

नतीजे उस दिन के आपके मूड, नींद और ध्यान के साथ बदल सकते हैं, और इस पर भी कि आपने कितनी ईमानदारी से जवाब दिए। अगर आप किसी मुश्किल दौर से गुज़र रहे हैं, तो कृपया किसी भरोसेमंद इंसान या किसी योग्य प्रोफ़ेशनल से बात करें।

सवाल-जवाब

साइकोलॉजी टेस्ट: सवाल-जवाब

क्या ये साइकोलॉजी टेस्ट मुफ़्त हैं?

हाँ। दोनों टेस्ट और उनके छोटे नतीजे मुफ़्त हैं, बिना साइन-अप के। अगर आप ज़्यादा जानकारी चाहें, तो हर टेस्ट की पूरी रिपोर्ट ₹100 (भारत के बाहर US$2) में मिलती है, जो लेना ज़रूरी नहीं है, और इसे सिर्फ़ 18 साल या उससे ज़्यादा उम्र के लोग ख़रीद सकते हैं।

टेस्ट में कितना समय लगता है?

आईक्यू टेस्ट में कोई टाइमर नहीं है, और ज़्यादातर लोग इसकी 30 पहेलियाँ लगभग 20 मिनट में पूरी कर लेते हैं। पर्सनैलिटी टेस्ट में 50 वाक्य हैं और लगभग 8 मिनट लगते हैं।

क्या यह असली आईक्यू टेस्ट है?

यह 30 ओरिजिनल पहेलियों वाला रीज़निंग टेस्ट है, कोई क्लिनिकल या मानक आईक्यू जाँच नहीं, इसलिए इससे आईक्यू नंबर नहीं मिलता। यह बताता है कि आपने कितनी पहेलियाँ सुलझाईं, और पूरी रिपोर्ट में यह भी कि आपकी सबसे मज़बूत स्किल्स कौन-सी हैं।

क्या पर्सनैलिटी टेस्ट MBTI जैसा है?

नहीं। यह पब्लिक डोमेन IPIP 50-आइटम मार्कर्स से बिग फ़ाइव गुण मापता है। यह आपको किसी टाइप में नहीं बाँटता, बल्कि दिखाता है कि पाँच पैमानों पर आप कहाँ हैं।

क्या आप मेरे जवाब सेव करते हैं?

आपके जवाब गुमनाम रहते हैं, जब तक आप पूरी रिपोर्ट नहीं ख़रीदते। टेस्ट देने या मुफ़्त नतीजा देखने के लिए आपको कभी नाम या ईमेल नहीं देना पड़ता।

क्या ये टेस्ट हिंदी में दे सकते हैं?

हाँ। दोनों टेस्ट अंग्रेज़ी और हिंदी में उन्हीं सवालों के साथ मौजूद हैं, इसलिए जो भाषा आपको ज़्यादा सहज लगे, वही चुनिए।