त्योहार मुहूर्त
होलिका दहन मुहूर्त
होलिका दहन का दिन और शुभ मुहूर्त, भद्रा का समय, रंगवाली होली की तारीख़ और बड़े शहरों का मुहूर्त।
अगली होली
होली · नई दिल्ली
रविवार, 21 मार्च 2027
रंगवाली होली (धुलेंडी): सोमवार, 22 मार्च 2027
होलिका दहन मुहूर्त
6:33 pm – 8:55 pm
2 घंटा 22 मिनट
- भद्रा के बाद (वैकल्पिक, मध्यरात्रि के बाद)
- 5:16 am – 6:23 am, 22 मार्च
- भद्रा पुंछ
- 1:27 am – 2:32 am, 22 मार्च
- भद्रा मुख (वर्जित)
- 2:32 am – 4:21 am, 22 मार्च
- पूर्णिमा आरंभ
- 6:22 pm
- पूर्णिमा समाप्त
- 4:14 pm, 22 मार्च
होलिका दहन फाल्गुन पूर्णिमा की अग्नि है, जो भक्ति की बुराई पर जीत की याद दिलाती है: प्रह्लाद को जलाने बैठी होलिका स्वयं जल गई और भगवान विष्णु ने प्रह्लाद को बचा लिया। रंगों का त्योहार, रंगवाली होली (धुलेंडी), अगले दिन खेला जाता है।
होलिका सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में, पूर्णिमा रहते हुए जलाई जाती है, और भद्रा (पूर्णिमा का पहला, अशुभ आधा भाग) में कभी नहीं। अगर भद्रा आधी रात से पहले समाप्त हो, तो दहन उसके बाद होता है; अगर आधी रात के बाद तक रहे, तो भद्रा का पुंछ भाग लिया जा सकता है, वरना प्रदोष, पर भद्रा मुख कभी नहीं। और अगर अगले दिन की पूर्णिमा साढ़े तीन प्रहर तक रहे, तो दहन अगली शाम होता है।
ये धर्मसिंधु के शास्त्रीय नियम हैं। अग्नि जलाने से पहले परिवार नया अनाज, नारियल और जल अर्पित करते हैं और होलिका की परिक्रमा करते हैं।
भारत के शहरों का समय भारतीय मानक समय (IST) में है और विदेश के शहरों का वहाँ के स्थानीय समय में; सब प्रमुख पंचांगों से एक-दो मिनट के भीतर मिलते हैं। जो शहर सूची में नहीं है, उसका समय आमतौर पर सबसे पास के शहर से कुछ ही मिनट अलग होता है।
त्योहार और व्रत कैलेंडर
पूजा में पढ़ें
- कृष्ण चालीसा
श्री कृष्ण की चालीस चौपाइयों वाली स्तुति, जिसका पाठ जन्माष्टमी, एकादशी और बुधवार को किया जाता है।
ॐ जय जगदीश हरे
सवाल-जवाब
होली से जुड़े सवाल
भद्रा क्या है और इसमें होलिका दहन क्यों नहीं करते?
भद्रा (विष्टि करण) पूर्णिमा का पहला आधा भाग है, जिसे शुभ कामों के लिए वर्जित माना जाता है। इसका मुख भाग सबसे अशुभ है; पुंछ भाग में ज़रूरत पड़ने पर दहन किया जा सकता है।
रंगवाली होली कब खेली जाती है?
होलिका दहन के अगले दिन, चैत्र कृष्ण प्रतिपदा को। ऊपर दोनों तारीख़ें दी गई हैं।
क्या हर शहर में मुहूर्त एक ही है?
नहीं, मुहूर्त सूर्यास्त से निकलता है, इसलिए हर शहर में अलग है। ऊपर 15 शहरों का मुहूर्त दिया गया है।