त्योहार मुहूर्त

भाई दूज तिलक मुहूर्त

भाई दूज (यम द्वितीया) की तारीख़, तिलक का शुभ समय, द्वितीया का समय और बड़े शहरों का मुहूर्त।

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भाई दूज · नई दिल्ली

बुधवार, 11 नवंबर 2026

तिलक का समय (अपराह्न)

1:10 pm – 3:20 pm

2 घंटा 10 मिनट

द्वितीया आरंभ
2:01 pm, 10 नव॰
द्वितीया समाप्त
3:54 pm
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भाई दूज (भैया दूज, भाऊ बीज, यम द्वितीया) कार्तिक शुक्ल द्वितीया को, आमतौर पर दिवाली के दो दिन बाद मनाई जाती है। बहनें भाई को तिलक लगाती हैं, आरती उतारती हैं और भोजन कराती हैं, उसकी लंबी आयु की कामना करती हैं; भाई उपहार देते हैं।

कथा है कि इसी दिन यमुना ने अपने भाई यमराज को अपने घर भोजन कराया था, और यमराज ने वरदान दिया कि जो भाई इस दिन बहन के घर भोजन करेगा, उसे लंबी आयु मिलेगी। कायस्थ समाज इसी दिन चित्रगुप्त पूजा भी करता है।

शास्त्रों में यम द्वितीया की पूजा के लिए अपराह्न, यानी दिन का चौथा पाँचवाँ भाग (दोपहर बाद), सबसे उचित समय है। भाई दूज उस दिन होती है जिस दिन अपराह्न में द्वितीया अधिक समय तक रहे।

भारत के शहरों का समय भारतीय मानक समय (IST) में है और विदेश के शहरों का वहाँ के स्थानीय समय में; सब प्रमुख पंचांगों से एक-दो मिनट के भीतर मिलते हैं। जो शहर सूची में नहीं है, उसका समय आमतौर पर सबसे पास के शहर से कुछ ही मिनट अलग होता है।

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सवाल-जवाब

भाई दूज से जुड़े सवाल

क्या तिलक सुबह कर सकते हैं?

बहुत से परिवार सुबह ही तिलक करते हैं, और द्वितीया रहते हुए यह परंपरा के अनुसार ठीक है। शास्त्रों में बताया गया सबसे अच्छा समय अपराह्न है।

यम द्वितीया क्या है?

भाई दूज का शास्त्रीय नाम। इस दिन यमराज, चित्रगुप्त और यमदूतों की पूजा की जाती है और सुबह यमुना स्नान का महत्व है।

क्या हर शहर में तिलक का समय एक ही है?

नहीं, अपराह्न सूर्योदय और सूर्यास्त से निकलता है, इसलिए हर शहर में अलग है। ऊपर 15 शहरों का समय दिया गया है।