व्रत और त्योहार

पूर्णिमा कैलेंडर

सभी पूर्णिमा तिथियाँ नई दिल्ली के लिए: मास का नाम, तिथि आरंभ और समाप्ति का समय, और पूर्णिमा व्रत का दिन।

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अगली पूर्णिमा

कार्तिक पूर्णिमा

मंगल, 24 नव॰ 2026

कार्तिक, शुक्ल पूर्णिमा

आरंभ: 23 नव॰, 23:43 · समाप्त: 24 नव॰, 20:24

  • उसी दिन
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आने वाली तिथियाँ

तारीख़पूर्णिमातिथिपूर्णिमा व्रत
बुध, 23 दिस॰मार्गशीर्ष पूर्णिमामार्गशीर्ष, शुक्ल पूर्णिमाआरंभ: 23 दिस॰, 10:48
समाप्त: 24 दिस॰, 06:58
उसी दिन
शुक्र, 22 जन॰पौष पूर्णिमापौष, शुक्ल पूर्णिमाआरंभ: 21 जन॰, 21:30
समाप्त: 22 जन॰, 17:47
उसी दिन
शनि, 20 फ़र॰माघ पूर्णिमामाघ, शुक्ल पूर्णिमाआरंभ: 20 फ़र॰, 08:00
समाप्त: 21 फ़र॰, 04:54
उसी दिन

पूर्णिमा हर चंद्र मास की पंद्रहवीं तिथि है, जब चंद्रमा पूरा दिखता है, और शुक्ल पक्ष यहीं समाप्त होता है। इस दिन स्नान, दान, सत्यनारायण पूजा और व्रत की परंपरा है। गुरु पूर्णिमा (आषाढ़), रक्षा बंधन (श्रावण), शरद पूर्णिमा (आश्विन), कार्तिक पूर्णिमा और होली (फाल्गुन) जैसे पर्व इन्हीं पूर्णिमाओं पर आते हैं, हालाँकि हर पर्व के अपने समय-नियम हैं और उसकी तारीख़ एक दिन आगे-पीछे हो सकती है।

पूर्णिमा का दिन वह है जिस दिन सूर्योदय के समय पूर्णिमा हो। व्रत कभी-कभी एक दिन पहले रखा जाता है: अगर पूर्णिमा पिछले दिन के मध्याह्न तक शुरू हो जाए, तो व्रत उसी पिछले दिन होता है। तालिका में दोनों दिन दिखाए गए हैं।

समय नई दिल्ली के भारतीय मानक समय (IST) में हैं। सूर्योदय पर आधारित तारीख़ें दूसरे शहरों में एक दिन अलग हो सकती हैं, इसलिए दिल्ली से दूर रहते हों तो स्थानीय पंचांग देखें।

अन्य व्रत कैलेंडर

पूजा में पढ़ें

  • लक्ष्मी चालीसा

    समृद्धि के लिए माँ लक्ष्मी की चालीस चौपाइयों वाली स्तुति, जिसका पाठ शुक्रवार, दिवाली, धनतेरस और शरद पूर्णिमा पर होता है।

    लक्ष्मी आरती
  • हनुमान चालीसा

    तुलसीदास रचित हनुमान जी की चालीस चौपाइयों वाली स्तुति, जिसका पाठ साहस, रक्षा और मंगल व शनि के लिए किया जाता है।

    हनुमान स्तुति

सवाल-जवाब

पूर्णिमा से जुड़े सवाल

पूर्णिमा व्रत किस दिन रखें?

जिस दिन पूर्णिमा व्रत लिखा हो। ज़्यादातर बार यह पूर्णिमा का ही दिन होता है, पर अगर पूर्णिमा पिछले दिन मध्याह्न तक शुरू हो गई हो तो व्रत पिछले दिन रखा जाता है।

क्या ये तारीख़ें मेरे शहर के लिए सही हैं?

तारीख़ें नई दिल्ली के सूर्योदय से निकाली गई हैं और प्रमुख पंचांगों से मिलाई गई हैं। दिल्ली से बहुत दूर, ख़ासकर विदेश में, दिन एक अलग हो सकता है।