मंत्र और चालीसा · चंद्र
चंद्र बीज मंत्र: अर्थ और जाप विधि
चंद्र का बीज मंत्र, जिसका जाप परंपरा के अनुसार सोमवार को किया जाता है, उसके अर्थ और नवग्रह स्तोत्र के श्लोक के साथ।
ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्रमसे नमः॥
Om Shraam Shreem Shraum Sah Chandramase Namah
चंद्र बीज मंत्र का अर्थ
- ॐ वह आदि ध्वनि है, जिससे अधिकतर वैदिक मंत्र शुरू होते हैं।
- श्रां श्रीं श्रौं बीज अक्षर हैं। इनका शब्दशः अनुवाद नहीं होता; परंपरा में इन्हें चंद्र की ऊर्जा का ध्वनि-रूप माना जाता है, और 'सः' आवाहन को पूरा करता है।
- चन्द्रमसे नमः का अर्थ है "चंद्र को नमस्कार"।
चंद्र मंत्र क्यों जपा जाता है
वैदिक ज्योतिष में चंद्रमा मन और भावनाओं का कारक है। परंपरा के अनुसार चंद्र बीज मंत्र शांत और स्थिर मन, अच्छी नींद, भावनात्मक संतुलन और माता से अच्छे संबंधों के लिए जपा जाता है, ख़ासकर जब कुंडली में चंद्रमा कमज़ोर या पीड़ित हो।
नवग्रह स्तोत्र में चंद्र का श्लोक
चंद्र का यह श्लोक महर्षि व्यास रचित माने जाने वाले नवग्रह स्तोत्र से है। बहुत से लोग बीज मंत्र से पहले या बाद में इसका पाठ करते हैं।
चंद्र मंत्र की पारंपरिक जाप विधि
- दिन: जाप सोमवार से शुरू करें, जो चंद्र का दिन है।
- संख्या: आमतौर पर बताई जाने वाली कुल जाप संख्या 11,000 है, यानी 108 मनकों की माला से लगभग 102 माला, जिसे आमतौर पर कई दिनों में पूरा किया जाता है।
- रोज़ का अभ्यास: बहुत से लोग रोज़, या हर सोमवार, केवल एक माला (108 बार) जपते हैं।
- स्नान के बाद, किसी साफ़ और शांत जगह पर, ध्वनि पर ध्यान रखते हुए जाप करें।
इसका दिन सोमवार है। बहुत से लोग शाम को या पूर्णिमा की रात सफ़ेद वस्त्र पहनकर इसका जाप करते हैं, और कुछ लोग भगवान शिव को, जिनके मस्तक पर चंद्रमा सुशोभित है, दूध या जल चढ़ाते हैं।
चंद्र मंत्र और आपका मूलांक
अंक ज्योतिष में चंद्र अंक 2 का स्वामी है: मूलांक 2, यानी किसी भी महीने की 2, 11, 20 और 29 तारीख़ को जन्मे लोग, और भाग्यांक 2। इन अंकों वाले लोग अक्सर ग्रह के शुभ गुण बढ़ाने के लिए चंद्र मंत्र का जाप करते हैं।
चंद्र के लिए इनका पाठ भी परंपरा से किया जाता है: शिव चालीसा, दुर्गा चालीसा, श्री कृष्ण चालीसा और नवग्रह स्तोत्र।
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मंत्र और चालीसा आस्था और परंपरा का विषय हैं, और अलग-अलग परिवारों व गुरुओं की विधि में अंतर होता है। यहाँ दी गई जानकारी चिकित्सा, कानूनी या वित्तीय सलाह का विकल्प नहीं है।
सवाल-जवाब
चंद्र मंत्र: सवाल-जवाब
चंद्र बीज मंत्र क्या है?
चंद्र बीज मंत्र है: ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्रमसे नमः॥ (Om Shraam Shreem Shraum Sah Chandramase Namah)। वैदिक ज्योतिष में यह चंद्र का बीज मंत्र है।
चंद्र मंत्र का जाप कितनी बार करना चाहिए?
आमतौर पर बताई जाने वाली पारंपरिक कुल संख्या 11,000 है, जिसे 108 की मालाओं में कई दिनों में पूरा किया जाता है। रोज़ के अभ्यास के लिए एक माला (108 बार) आम है।
चंद्र मंत्र का जाप किस दिन करना चाहिए?
सोमवार को, जो चंद्र का दिन है। बहुत से लोग जाप सोमवार से शुरू करते हैं और फिर रोज़ जपते हैं।
किस मूलांक वालों को चंद्र मंत्र जपना चाहिए?
चंद्र अंक 2 का स्वामी है, इसलिए चंद्र मंत्र सबसे ज़्यादा मूलांक 2 और भाग्यांक 2 से जुड़ा है। कोई भी इसका जाप कर सकता है, ख़ासकर जब कुंडली में चंद्र कमज़ोर हो।
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