मंत्र और चालीसा · गुरु (बृहस्पति)

गुरु बीज मंत्र: अर्थ और जाप विधि

गुरु (बृहस्पति) का बीज मंत्र, जिसका जाप परंपरा के अनुसार गुरुवार को किया जाता है, उसके अर्थ और नवग्रह स्तोत्र के श्लोक के साथ।

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गुरु बीज मंत्र

ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः॥

Om Graam Greem Graum Sah Gurave Namah

गुरु बीज मंत्र का अर्थ

  • ॐ वह आदि ध्वनि है, जिससे अधिकतर वैदिक मंत्र शुरू होते हैं।
  • ग्रां ग्रीं ग्रौं बीज अक्षर हैं। इनका शब्दशः अनुवाद नहीं होता; परंपरा में इन्हें गुरु (बृहस्पति) की ऊर्जा का ध्वनि-रूप माना जाता है, और 'सः' आवाहन को पूरा करता है।
  • गुरवे नमः का अर्थ है "गुरु को नमस्कार"।

गुरु मंत्र क्यों जपा जाता है

गुरु, यानी बृहस्पति, देवताओं के गुरु हैं और वैदिक ज्योतिष में सबसे शुभ ग्रह माने जाते हैं। परंपरा के अनुसार गुरु बीज मंत्र ज्ञान, अच्छे मार्गदर्शन, पढ़ाई में सफलता, संतान, सुखी वैवाहिक जीवन और स्थिर समृद्धि के लिए जपा जाता है।

नवग्रह स्तोत्र में गुरु का श्लोक

गुरु का यह श्लोक महर्षि व्यास रचित माने जाने वाले नवग्रह स्तोत्र से है। बहुत से लोग बीज मंत्र से पहले या बाद में इसका पाठ करते हैं।

देवानां च ऋषीणां च गुरुं काञ्चनसन्निभम्।बुद्धिभूतं त्रिलोकेशं तं नमामि बृहस्पतिम्॥Devanam cha rishinam cha gurum kanchana-sannibhamBuddhi-bhutam trilokesham tam namami Brihaspatim
जो देवताओं और ऋषियों के गुरु हैं, सोने के समान कांतिमान हैं, बुद्धि के स्वरूप हैं और तीनों लोकों के स्वामी हैं, उन बृहस्पति को मैं नमस्कार करता हूँ।

गुरु मंत्र की पारंपरिक जाप विधि

  • दिन: जाप गुरुवार से शुरू करें, जो गुरु (बृहस्पति) का दिन है।
  • संख्या: आमतौर पर बताई जाने वाली कुल जाप संख्या 19,000 है, यानी 108 मनकों की माला से लगभग 176 माला, जिसे आमतौर पर कई दिनों में पूरा किया जाता है।
  • रोज़ का अभ्यास: बहुत से लोग रोज़, या हर गुरुवार, केवल एक माला (108 बार) जपते हैं।
  • स्नान के बाद, किसी साफ़ और शांत जगह पर, ध्वनि पर ध्यान रखते हुए जाप करें।

इसका दिन गुरुवार है। बहुत से लोग सुबह पीले वस्त्र पहनकर इसका जाप करते हैं और हल्दी, चने की दाल या पीले फूल अर्पित करते हैं; गुरुजनों और बड़ों का सम्मान करना भी इस साधना का हिस्सा माना जाता है।

गुरु मंत्र और आपका मूलांक

अंक ज्योतिष में गुरु (बृहस्पति) अंक 3 का स्वामी है: मूलांक 3, यानी किसी भी महीने की 3, 12, 21 और 30 तारीख़ को जन्मे लोग, और भाग्यांक 3। इन अंकों वाले लोग अक्सर ग्रह के शुभ गुण बढ़ाने के लिए गुरु मंत्र का जाप करते हैं।

गुरु (बृहस्पति) के लिए इनका पाठ भी परंपरा से किया जाता है: नवग्रह स्तोत्र।

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मंत्र और चालीसा आस्था और परंपरा का विषय हैं, और अलग-अलग परिवारों व गुरुओं की विधि में अंतर होता है। यहाँ दी गई जानकारी चिकित्सा, कानूनी या वित्तीय सलाह का विकल्प नहीं है।

सवाल-जवाब

गुरु मंत्र: सवाल-जवाब

गुरु बीज मंत्र क्या है?

गुरु बीज मंत्र है: ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः॥ (Om Graam Greem Graum Sah Gurave Namah)। वैदिक ज्योतिष में यह गुरु (बृहस्पति) का बीज मंत्र है।

गुरु मंत्र का जाप कितनी बार करना चाहिए?

आमतौर पर बताई जाने वाली पारंपरिक कुल संख्या 19,000 है, जिसे 108 की मालाओं में कई दिनों में पूरा किया जाता है। रोज़ के अभ्यास के लिए एक माला (108 बार) आम है।

गुरु मंत्र का जाप किस दिन करना चाहिए?

गुरुवार को, जो गुरु (बृहस्पति) का दिन है। बहुत से लोग जाप गुरुवार से शुरू करते हैं और फिर रोज़ जपते हैं।

किस मूलांक वालों को गुरु मंत्र जपना चाहिए?

गुरु (बृहस्पति) अंक 3 का स्वामी है, इसलिए गुरु मंत्र सबसे ज़्यादा मूलांक 3 और भाग्यांक 3 से जुड़ा है। कोई भी इसका जाप कर सकता है, ख़ासकर जब कुंडली में गुरु (बृहस्पति) कमज़ोर हो।

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