मंत्र और चालीसा · मंगल

मंगल बीज मंत्र: अर्थ और जाप विधि

मंगल का बीज मंत्र, जिसका जाप परंपरा के अनुसार मंगलवार को किया जाता है, उसके अर्थ और नवग्रह स्तोत्र के श्लोक के साथ।

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मंगल बीज मंत्र

ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः॥

Om Kraam Kreem Kraum Sah Bhaumaya Namah

मंगल बीज मंत्र का अर्थ

  • ॐ वह आदि ध्वनि है, जिससे अधिकतर वैदिक मंत्र शुरू होते हैं।
  • क्रां क्रीं क्रौं बीज अक्षर हैं। इनका शब्दशः अनुवाद नहीं होता; परंपरा में इन्हें मंगल की ऊर्जा का ध्वनि-रूप माना जाता है, और 'सः' आवाहन को पूरा करता है।
  • भौमाय नमः का अर्थ है "मंगल को नमस्कार"।

मंगल मंत्र क्यों जपा जाता है

मंगल साहस, ऊर्जा, भूमि और भाई-बहनों का ग्रह है। परंपरा के अनुसार मंगल बीज मंत्र साहस और जोश के लिए, प्रतियोगिता और भूमि-संपत्ति के मामलों में सफलता के लिए, और क्रोध व विवाह मिलान में मंगल दोष के प्रभाव को शांत करने के लिए जपा जाता है।

नवग्रह स्तोत्र में मंगल का श्लोक

मंगल का यह श्लोक महर्षि व्यास रचित माने जाने वाले नवग्रह स्तोत्र से है। बहुत से लोग बीज मंत्र से पहले या बाद में इसका पाठ करते हैं।

धरणीगर्भसम्भूतं विद्युत्कान्तिसमप्रभम्।कुमारं शक्तिहस्तं तं मङ्गलं प्रणमाम्यहम्॥Dharani-garbha-sambhutam vidyut-kanti-samaprabhamKumaram shakti-hastam tam Mangalam pranamamyaham
जो पृथ्वी के गर्भ से उत्पन्न हुए हैं, बिजली के समान कांति वाले हैं और हाथ में शक्ति (भाला) धारण करने वाले कुमार हैं, उन मंगल को मैं प्रणाम करता हूँ।

मंगल मंत्र की पारंपरिक जाप विधि

  • दिन: जाप मंगलवार से शुरू करें, जो मंगल का दिन है।
  • संख्या: आमतौर पर बताई जाने वाली कुल जाप संख्या 10,000 है, यानी 108 मनकों की माला से लगभग 93 माला, जिसे आमतौर पर कई दिनों में पूरा किया जाता है।
  • रोज़ का अभ्यास: बहुत से लोग रोज़, या हर मंगलवार, केवल एक माला (108 बार) जपते हैं।
  • स्नान के बाद, किसी साफ़ और शांत जगह पर, ध्वनि पर ध्यान रखते हुए जाप करें।

इसका दिन मंगलवार है। बहुत से लोग सुबह लाल वस्त्र पहनकर इसका जाप करते हैं, लाल फूल या सिंदूर अर्पित करते हैं, और हनुमान चालीसा का पाठ भी करते हैं, क्योंकि मंगल के लिए हनुमान जी की उपासना की जाती है।

मंगल मंत्र और आपका मूलांक

अंक ज्योतिष में मंगल अंक 9 का स्वामी है: मूलांक 9, यानी किसी भी महीने की 9, 18 और 27 तारीख़ को जन्मे लोग, और भाग्यांक 9। इन अंकों वाले लोग अक्सर ग्रह के शुभ गुण बढ़ाने के लिए मंगल मंत्र का जाप करते हैं।

मंगल के लिए इनका पाठ भी परंपरा से किया जाता है: हनुमान चालीसा और नवग्रह स्तोत्र।

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मंत्र और चालीसा आस्था और परंपरा का विषय हैं, और अलग-अलग परिवारों व गुरुओं की विधि में अंतर होता है। यहाँ दी गई जानकारी चिकित्सा, कानूनी या वित्तीय सलाह का विकल्प नहीं है।

सवाल-जवाब

मंगल मंत्र: सवाल-जवाब

मंगल बीज मंत्र क्या है?

मंगल बीज मंत्र है: ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः॥ (Om Kraam Kreem Kraum Sah Bhaumaya Namah)। वैदिक ज्योतिष में यह मंगल का बीज मंत्र है।

मंगल मंत्र का जाप कितनी बार करना चाहिए?

आमतौर पर बताई जाने वाली पारंपरिक कुल संख्या 10,000 है, जिसे 108 की मालाओं में कई दिनों में पूरा किया जाता है। रोज़ के अभ्यास के लिए एक माला (108 बार) आम है।

मंगल मंत्र का जाप किस दिन करना चाहिए?

मंगलवार को, जो मंगल का दिन है। बहुत से लोग जाप मंगलवार से शुरू करते हैं और फिर रोज़ जपते हैं।

किस मूलांक वालों को मंगल मंत्र जपना चाहिए?

मंगल अंक 9 का स्वामी है, इसलिए मंगल मंत्र सबसे ज़्यादा मूलांक 9 और भाग्यांक 9 से जुड़ा है। कोई भी इसका जाप कर सकता है, ख़ासकर जब कुंडली में मंगल कमज़ोर हो।

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