मंत्र और चालीसा · राहु
राहु बीज मंत्र: अर्थ और जाप विधि
राहु का बीज मंत्र, जिसका जाप परंपरा के अनुसार शनिवार को किया जाता है, उसके अर्थ और नवग्रह स्तोत्र के श्लोक के साथ।
ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः॥
Om Bhraam Bhreem Bhraum Sah Rahave Namah
राहु बीज मंत्र का अर्थ
- ॐ वह आदि ध्वनि है, जिससे अधिकतर वैदिक मंत्र शुरू होते हैं।
- भ्रां भ्रीं भ्रौं बीज अक्षर हैं। इनका शब्दशः अनुवाद नहीं होता; परंपरा में इन्हें राहु की ऊर्जा का ध्वनि-रूप माना जाता है, और 'सः' आवाहन को पूरा करता है।
- राहवे नमः का अर्थ है "राहु को नमस्कार"।
राहु मंत्र क्यों जपा जाता है
राहु एक छाया ग्रह है, जिसे महत्वाकांक्षा, भ्रम, अचानक होने वाली घटनाओं और विदेश या लीक से हटकर चीज़ों से जोड़ा जाता है। परंपरा के अनुसार राहु बीज मंत्र उलझन और बेचैनी शांत करने, अचानक आने वाले उतार-चढ़ाव में मन को स्थिर रखने और राहु की कठिन दशा को हल्का करने के लिए जपा जाता है।
नवग्रह स्तोत्र में राहु का श्लोक
राहु का यह श्लोक महर्षि व्यास रचित माने जाने वाले नवग्रह स्तोत्र से है। बहुत से लोग बीज मंत्र से पहले या बाद में इसका पाठ करते हैं।
राहु मंत्र की पारंपरिक जाप विधि
- दिन: जाप शनिवार से शुरू करें, जो राहु का दिन है।
- संख्या: आमतौर पर बताई जाने वाली कुल जाप संख्या 18,000 है, यानी 108 मनकों की माला से लगभग 167 माला, जिसे आमतौर पर कई दिनों में पूरा किया जाता है।
- रोज़ का अभ्यास: बहुत से लोग रोज़, या हर शनिवार, केवल एक माला (108 बार) जपते हैं।
- स्नान के बाद, किसी साफ़ और शांत जगह पर, ध्वनि पर ध्यान रखते हुए जाप करें।
आमतौर पर इसका दिन शनिवार माना जाता है, और बहुत से लोग शाम या रात में इसका जाप करना पसंद करते हैं। गहरा नीला या धूसर रंग पारंपरिक है, और कुछ भक्त राहु के लिए माँ दुर्गा की उपासना भी करते हैं।
राहु मंत्र और आपका मूलांक
अंक ज्योतिष में राहु अंक 4 का स्वामी है: मूलांक 4, यानी किसी भी महीने की 4, 13, 22 और 31 तारीख़ को जन्मे लोग, और भाग्यांक 4। इन अंकों वाले लोग अक्सर ग्रह के शुभ गुण बढ़ाने के लिए राहु मंत्र का जाप करते हैं।
राहु के लिए इनका पाठ भी परंपरा से किया जाता है: दुर्गा चालीसा और नवग्रह स्तोत्र।
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मंत्र और चालीसा आस्था और परंपरा का विषय हैं, और अलग-अलग परिवारों व गुरुओं की विधि में अंतर होता है। यहाँ दी गई जानकारी चिकित्सा, कानूनी या वित्तीय सलाह का विकल्प नहीं है।
सवाल-जवाब
राहु मंत्र: सवाल-जवाब
राहु बीज मंत्र क्या है?
राहु बीज मंत्र है: ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः॥ (Om Bhraam Bhreem Bhraum Sah Rahave Namah)। वैदिक ज्योतिष में यह राहु का बीज मंत्र है।
राहु मंत्र का जाप कितनी बार करना चाहिए?
आमतौर पर बताई जाने वाली पारंपरिक कुल संख्या 18,000 है, जिसे 108 की मालाओं में कई दिनों में पूरा किया जाता है। रोज़ के अभ्यास के लिए एक माला (108 बार) आम है।
राहु मंत्र का जाप किस दिन करना चाहिए?
शनिवार को, जो राहु का दिन है। बहुत से लोग जाप शनिवार से शुरू करते हैं और फिर रोज़ जपते हैं।
किस मूलांक वालों को राहु मंत्र जपना चाहिए?
राहु अंक 4 का स्वामी है, इसलिए राहु मंत्र सबसे ज़्यादा मूलांक 4 और भाग्यांक 4 से जुड़ा है। कोई भी इसका जाप कर सकता है, ख़ासकर जब कुंडली में राहु कमज़ोर हो।
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