मंत्र और चालीसा · केतु
केतु बीज मंत्र: अर्थ और जाप विधि
केतु का बीज मंत्र, जिसका जाप परंपरा के अनुसार मंगलवार को किया जाता है, उसके अर्थ और नवग्रह स्तोत्र के श्लोक के साथ।
ॐ स्रां स्रीं स्रौं सः केतवे नमः॥
Om Sraam Sreem Sraum Sah Ketave Namah
केतु बीज मंत्र का अर्थ
- ॐ वह आदि ध्वनि है, जिससे अधिकतर वैदिक मंत्र शुरू होते हैं।
- स्रां स्रीं स्रौं बीज अक्षर हैं। इनका शब्दशः अनुवाद नहीं होता; परंपरा में इन्हें केतु की ऊर्जा का ध्वनि-रूप माना जाता है, और 'सः' आवाहन को पूरा करता है।
- केतवे नमः का अर्थ है "केतु को नमस्कार"।
केतु मंत्र क्यों जपा जाता है
केतु दूसरा छाया ग्रह है, जिसे वैराग्य, अंतर्ज्ञान, आध्यात्मिकता और अचानक, बिना कारण होने वाली घटनाओं से जोड़ा जाता है। परंपरा के अनुसार केतु बीज मंत्र आध्यात्मिक एकाग्रता और मन की शांति के लिए, उलझन और छिपे डर से उबरने के लिए, और केतु की कठिन दशा को हल्का करने के लिए जपा जाता है।
नवग्रह स्तोत्र में केतु का श्लोक
केतु का यह श्लोक महर्षि व्यास रचित माने जाने वाले नवग्रह स्तोत्र से है। बहुत से लोग बीज मंत्र से पहले या बाद में इसका पाठ करते हैं।
केतु मंत्र की पारंपरिक जाप विधि
- दिन: जाप मंगलवार से शुरू करें, जो केतु का दिन है।
- संख्या: आमतौर पर बताई जाने वाली कुल जाप संख्या 17,000 है, यानी 108 मनकों की माला से लगभग 158 माला, जिसे आमतौर पर कई दिनों में पूरा किया जाता है।
- रोज़ का अभ्यास: बहुत से लोग रोज़, या हर मंगलवार, केवल एक माला (108 बार) जपते हैं।
- स्नान के बाद, किसी साफ़ और शांत जगह पर, ध्वनि पर ध्यान रखते हुए जाप करें।
केतु के लिए आमतौर पर मंगलवार का दिन माना जाता है, हालाँकि कुछ परंपराएँ शनिवार या गुरुवार को चुनती हैं। बहुत से लोग केतु के लिए भगवान गणेश की उपासना भी करते हैं, और धूसर या चितकबरे रंग के वस्त्र पारंपरिक माने जाते हैं।
केतु मंत्र और आपका मूलांक
अंक ज्योतिष में केतु अंक 7 का स्वामी है: मूलांक 7, यानी किसी भी महीने की 7, 16 और 25 तारीख़ को जन्मे लोग, और भाग्यांक 7। इन अंकों वाले लोग अक्सर ग्रह के शुभ गुण बढ़ाने के लिए केतु मंत्र का जाप करते हैं।
केतु के लिए इनका पाठ भी परंपरा से किया जाता है: गणेश चालीसा और नवग्रह स्तोत्र।
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मंत्र और चालीसा आस्था और परंपरा का विषय हैं, और अलग-अलग परिवारों व गुरुओं की विधि में अंतर होता है। यहाँ दी गई जानकारी चिकित्सा, कानूनी या वित्तीय सलाह का विकल्प नहीं है।
सवाल-जवाब
केतु मंत्र: सवाल-जवाब
केतु बीज मंत्र क्या है?
केतु बीज मंत्र है: ॐ स्रां स्रीं स्रौं सः केतवे नमः॥ (Om Sraam Sreem Sraum Sah Ketave Namah)। वैदिक ज्योतिष में यह केतु का बीज मंत्र है।
केतु मंत्र का जाप कितनी बार करना चाहिए?
आमतौर पर बताई जाने वाली पारंपरिक कुल संख्या 17,000 है, जिसे 108 की मालाओं में कई दिनों में पूरा किया जाता है। रोज़ के अभ्यास के लिए एक माला (108 बार) आम है।
केतु मंत्र का जाप किस दिन करना चाहिए?
मंगलवार को, जो केतु का दिन है। बहुत से लोग जाप मंगलवार से शुरू करते हैं और फिर रोज़ जपते हैं।
किस मूलांक वालों को केतु मंत्र जपना चाहिए?
केतु अंक 7 का स्वामी है, इसलिए केतु मंत्र सबसे ज़्यादा मूलांक 7 और भाग्यांक 7 से जुड़ा है। कोई भी इसका जाप कर सकता है, ख़ासकर जब कुंडली में केतु कमज़ोर हो।
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