मंत्र और चालीसा · बुध
बुध बीज मंत्र: अर्थ और जाप विधि
बुध का बीज मंत्र, जिसका जाप परंपरा के अनुसार बुधवार को किया जाता है, उसके अर्थ और नवग्रह स्तोत्र के श्लोक के साथ।
ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः॥
Om Braam Breem Braum Sah Budhaya Namah
बुध बीज मंत्र का अर्थ
- ॐ वह आदि ध्वनि है, जिससे अधिकतर वैदिक मंत्र शुरू होते हैं।
- ब्रां ब्रीं ब्रौं बीज अक्षर हैं। इनका शब्दशः अनुवाद नहीं होता; परंपरा में इन्हें बुध की ऊर्जा का ध्वनि-रूप माना जाता है, और 'सः' आवाहन को पूरा करता है।
- बुधाय नमः का अर्थ है "बुध को नमस्कार"।
बुध मंत्र क्यों जपा जाता है
बुध बुद्धि, वाणी, शिक्षा और व्यापार का कारक है। परंपरा के अनुसार बुध बीज मंत्र स्पष्ट सोच और बोलचाल, पढ़ाई और परीक्षा में सफलता, और व्यापार, लेखन व तेज़ दिमाग़ वाले कामों में तरक्की के लिए जपा जाता है।
नवग्रह स्तोत्र में बुध का श्लोक
बुध का यह श्लोक महर्षि व्यास रचित माने जाने वाले नवग्रह स्तोत्र से है। बहुत से लोग बीज मंत्र से पहले या बाद में इसका पाठ करते हैं।
बुध मंत्र की पारंपरिक जाप विधि
- दिन: जाप बुधवार से शुरू करें, जो बुध का दिन है।
- संख्या: आमतौर पर बताई जाने वाली कुल जाप संख्या 9,000 है, यानी 108 मनकों की माला से लगभग 84 माला, जिसे आमतौर पर कई दिनों में पूरा किया जाता है।
- रोज़ का अभ्यास: बहुत से लोग रोज़, या हर बुधवार, केवल एक माला (108 बार) जपते हैं।
- स्नान के बाद, किसी साफ़ और शांत जगह पर, ध्वनि पर ध्यान रखते हुए जाप करें।
इसका दिन बुधवार है। बहुत से लोग सुबह हरे वस्त्र पहनकर इसका जाप करते हैं, और कुछ लोग भगवान गणेश को, जिनकी उपासना बुध के लिए भी की जाती है, हरी मूंग या दूर्वा अर्पित करते हैं।
बुध मंत्र और आपका मूलांक
अंक ज्योतिष में बुध अंक 5 का स्वामी है: मूलांक 5, यानी किसी भी महीने की 5, 14 और 23 तारीख़ को जन्मे लोग, और भाग्यांक 5। इन अंकों वाले लोग अक्सर ग्रह के शुभ गुण बढ़ाने के लिए बुध मंत्र का जाप करते हैं।
बुध के लिए इनका पाठ भी परंपरा से किया जाता है: गणेश चालीसा, श्री कृष्ण चालीसा और नवग्रह स्तोत्र।
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मंत्र और चालीसा आस्था और परंपरा का विषय हैं, और अलग-अलग परिवारों व गुरुओं की विधि में अंतर होता है। यहाँ दी गई जानकारी चिकित्सा, कानूनी या वित्तीय सलाह का विकल्प नहीं है।
सवाल-जवाब
बुध मंत्र: सवाल-जवाब
बुध बीज मंत्र क्या है?
बुध बीज मंत्र है: ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः॥ (Om Braam Breem Braum Sah Budhaya Namah)। वैदिक ज्योतिष में यह बुध का बीज मंत्र है।
बुध मंत्र का जाप कितनी बार करना चाहिए?
आमतौर पर बताई जाने वाली पारंपरिक कुल संख्या 9,000 है, जिसे 108 की मालाओं में कई दिनों में पूरा किया जाता है। रोज़ के अभ्यास के लिए एक माला (108 बार) आम है।
बुध मंत्र का जाप किस दिन करना चाहिए?
बुधवार को, जो बुध का दिन है। बहुत से लोग जाप बुधवार से शुरू करते हैं और फिर रोज़ जपते हैं।
किस मूलांक वालों को बुध मंत्र जपना चाहिए?
बुध अंक 5 का स्वामी है, इसलिए बुध मंत्र सबसे ज़्यादा मूलांक 5 और भाग्यांक 5 से जुड़ा है। कोई भी इसका जाप कर सकता है, ख़ासकर जब कुंडली में बुध कमज़ोर हो।
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