नक्षत्र 22 / 27 · Shravana
श्रवण नक्षत्र: नामाक्षर, चरण और स्वभाव
श्रवण 27 नक्षत्रों में 22वाँ है, 10° मकर – 23°20′ मकर तक, और इसके स्वामी चंद्र हैं। नामाक्षर: खी, खू, खे, खो।
श्रवण नक्षत्र के चरण और नामाक्षर
हर नक्षत्र के 3°20′ के चार चरण होते हैं। जिस चरण में जन्म के समय चंद्रमा हो, परंपरा से बच्चे का नाम उसी के अक्षर से रखा जाता है। श्रवण के लिए:
| चरण | अक्षर | राशि | नवांश |
|---|---|---|---|
| 1 | खी Khi | मकर | मेष |
| 2 | खू Khu | मकर | वृषभ |
| 3 | खे Khe | मकर | मिथुन |
| 4 | खो Kho | मकर | कर्क |
श्रवण नक्षत्र का स्वभाव
अच्छे श्रोता और सीखने वाले, ज्ञान और परंपरा से जुड़े। आप अध्ययन और दूसरों को सुनकर बढ़ते हैं।
देव गण के जातक कोमल, उदार और आदर्शवादी माने जाते हैं।
जन्म के समय दशा
श्रवण नक्षत्र में चंद्रमा के साथ जन्म हो, तो विंशोत्तरी दशा चंद्र से शुरू होती है, जिसकी पूरी अवधि 10 साल है। जन्म के समय कितनी बची है, यह इस पर निर्भर है कि चंद्रमा नक्षत्र में कितना आगे बढ़ चुका था।
कुंडली मिलान में
गण, योनि और नाड़ी नक्षत्र से तय होते हैं और अष्टकूट मिलान के 36 में से 6, 4 और 8 अंक इन्हीं के हैं। दोनों की एक ही नाड़ी होना परंपरा में टाला जाता है।
नामाक्षर पारंपरिक अवकहड़ा चक्र के अनुसार हैं। कुछ अक्षरों की वर्तनी क्षेत्र के अनुसार बदलती है।
अपना जन्म नक्षत्र जानें
जन्म नक्षत्र वह है जिसमें आपके जन्म के समय चंद्रमा था। मुफ़्त जन्म कुंडली में जन्म विवरण डालें और चरण सहित अपना नक्षत्र देखें।
सवाल-जवाब
श्रवण नक्षत्र से जुड़े सवाल
श्रवण नक्षत्र के नामाक्षर क्या हैं?
चरण 1: खी, चरण 2: खू, चरण 3: खे, चरण 4: खो।
श्रवण नक्षत्र किस राशि में है?
मकर (चरण 1, 2, 3, 4)। यह 10° मकर – 23°20′ मकर तक फैला है।
श्रवण नक्षत्र का स्वामी और देवता कौन है?
स्वामी ग्रह चंद्र हैं और देवता विष्णु (पालनकर्ता)।
श्रवण नक्षत्र का गण, योनि और नाड़ी क्या है?
गण देव, योनि वानर (बंदर) और नाड़ी अंत्य (कफ)। देव गण के जातक कोमल, उदार और आदर्शवादी माने जाते हैं।