नक्षत्र 20 / 27 · Purva Ashadha
पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र: नामाक्षर, चरण और स्वभाव
पूर्वाषाढ़ा 27 नक्षत्रों में 20वाँ है, 13°20′ धनु – 26°40′ धनु तक, और इसके स्वामी शुक्र हैं। नामाक्षर: भू, धा, फा, ढ।
पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र के चरण और नामाक्षर
हर नक्षत्र के 3°20′ के चार चरण होते हैं। जिस चरण में जन्म के समय चंद्रमा हो, परंपरा से बच्चे का नाम उसी के अक्षर से रखा जाता है। पूर्वाषाढ़ा के लिए:
| चरण | अक्षर | राशि | नवांश |
|---|---|---|---|
| 1 | भू Bhu | धनु | सिंह |
| 2 | धा Dha | धनु | कन्या |
| 3 | फा Pha | धनु | तुला |
| 4 | ढ Dha | धनु | वृश्चिक |
पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र का स्वभाव
आत्मविश्वासी, प्रभावशाली और अजेय भावना वाले। उद्देश्य आपको ऊर्जा देते हैं और आप दृढ़ विश्वास से लोगों का दिल जीतते हैं।
मनुष्य गण के जातक व्यावहारिक और संतुलित माने जाते हैं, सांसारिक जीवन में सहज।
जन्म के समय दशा
पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में चंद्रमा के साथ जन्म हो, तो विंशोत्तरी दशा शुक्र से शुरू होती है, जिसकी पूरी अवधि 20 साल है। जन्म के समय कितनी बची है, यह इस पर निर्भर है कि चंद्रमा नक्षत्र में कितना आगे बढ़ चुका था।
कुंडली मिलान में
गण, योनि और नाड़ी नक्षत्र से तय होते हैं और अष्टकूट मिलान के 36 में से 6, 4 और 8 अंक इन्हीं के हैं। दोनों की एक ही नाड़ी होना परंपरा में टाला जाता है।
नामाक्षर पारंपरिक अवकहड़ा चक्र के अनुसार हैं। कुछ अक्षरों की वर्तनी क्षेत्र के अनुसार बदलती है।
अपना जन्म नक्षत्र जानें
जन्म नक्षत्र वह है जिसमें आपके जन्म के समय चंद्रमा था। मुफ़्त जन्म कुंडली में जन्म विवरण डालें और चरण सहित अपना नक्षत्र देखें।
सवाल-जवाब
पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र से जुड़े सवाल
पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र के नामाक्षर क्या हैं?
चरण 1: भू, चरण 2: धा, चरण 3: फा, चरण 4: ढ।
पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र किस राशि में है?
धनु (चरण 1, 2, 3, 4)। यह 13°20′ धनु – 26°40′ धनु तक फैला है।
पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र का स्वामी और देवता कौन है?
स्वामी ग्रह शुक्र हैं और देवता आपः (जल)।
पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र का गण, योनि और नाड़ी क्या है?
गण मनुष्य, योनि वानर (बंदर) और नाड़ी मध्य (पित्त)। मनुष्य गण के जातक व्यावहारिक और संतुलित माने जाते हैं, सांसारिक जीवन में सहज।