नक्षत्र 6 / 27 · Ardra
आर्द्रा नक्षत्र: नामाक्षर, चरण और स्वभाव
आर्द्रा 27 नक्षत्रों में 6वाँ है, 6°40′ मिथुन – 20° मिथुन तक, और इसके स्वामी राहु हैं। नामाक्षर: कु, घ, ङ, छ।
आर्द्रा नक्षत्र के चरण और नामाक्षर
हर नक्षत्र के 3°20′ के चार चरण होते हैं। जिस चरण में जन्म के समय चंद्रमा हो, परंपरा से बच्चे का नाम उसी के अक्षर से रखा जाता है। आर्द्रा के लिए:
| चरण | अक्षर | राशि | नवांश |
|---|---|---|---|
| 1 | कु Ku | मिथुन | धनु |
| 2 | घ Gha | मिथुन | मकर |
| 3 | ङ Na | मिथुन | कुंभ |
| 4 | छ Chha | मिथुन | मीन |
आर्द्रा नक्षत्र का स्वभाव
बौद्धिक, तीव्र और परिवर्तनकारी; आपके जीवन के तूफ़ान विकास का रास्ता साफ़ करते हैं। आप गहराई से सोचते हैं और हर बात पर सवाल करते हैं।
मनुष्य गण के जातक व्यावहारिक और संतुलित माने जाते हैं, सांसारिक जीवन में सहज।
जन्म के समय दशा
आर्द्रा नक्षत्र में चंद्रमा के साथ जन्म हो, तो विंशोत्तरी दशा राहु से शुरू होती है, जिसकी पूरी अवधि 18 साल है। जन्म के समय कितनी बची है, यह इस पर निर्भर है कि चंद्रमा नक्षत्र में कितना आगे बढ़ चुका था।
कुंडली मिलान में
गण, योनि और नाड़ी नक्षत्र से तय होते हैं और अष्टकूट मिलान के 36 में से 6, 4 और 8 अंक इन्हीं के हैं। दोनों की एक ही नाड़ी होना परंपरा में टाला जाता है।
नामाक्षर पारंपरिक अवकहड़ा चक्र के अनुसार हैं। कुछ अक्षरों की वर्तनी क्षेत्र के अनुसार बदलती है।
अपना जन्म नक्षत्र जानें
जन्म नक्षत्र वह है जिसमें आपके जन्म के समय चंद्रमा था। मुफ़्त जन्म कुंडली में जन्म विवरण डालें और चरण सहित अपना नक्षत्र देखें।
सवाल-जवाब
आर्द्रा नक्षत्र से जुड़े सवाल
आर्द्रा नक्षत्र के नामाक्षर क्या हैं?
चरण 1: कु, चरण 2: घ, चरण 3: ङ, चरण 4: छ।
आर्द्रा नक्षत्र किस राशि में है?
मिथुन (चरण 1, 2, 3, 4)। यह 6°40′ मिथुन – 20° मिथुन तक फैला है।
आर्द्रा नक्षत्र का स्वामी और देवता कौन है?
स्वामी ग्रह राहु हैं और देवता रुद्र (तूफ़ान)।
आर्द्रा नक्षत्र का गण, योनि और नाड़ी क्या है?
गण मनुष्य, योनि श्वान (कुत्ता) और नाड़ी आदि (वात)। मनुष्य गण के जातक व्यावहारिक और संतुलित माने जाते हैं, सांसारिक जीवन में सहज।