वैदिक ज्योतिष · राशियाँ

वैदिक ज्योतिष की 12 राशियाँ

वैदिक ज्योतिष में बारह राशियाँ तारों के सापेक्ष नापी जाती हैं, इसलिए इनकी तारीख़ें पश्चिमी सूर्य राशि की तारीख़ों से लगभग तीन हफ़्ते बाद पड़ती हैं। चंद्र राशि या लग्न के रूप में अर्थ पढ़ने के लिए कोई राशि चुनें।

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अपनी चंद्र राशि और लग्न जानें

आपकी वैदिक राशियाँ जन्म के सटीक क्षण और स्थान पर निर्भर करती हैं। मुफ़्त कैलकुलेटर दुनिया में कहीं भी जन्म के लिए काम करता है।

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सवाल-जवाब

राशियों से जुड़े सवाल

वैदिक राशियों की तारीख़ें पश्चिमी से अलग क्यों हैं?

पश्चिमी ज्योतिष सायन राशिचक्र इस्तेमाल करता है, जो मार्च विषुव से शुरू होता है। वैदिक ज्योतिष निरयण राशिचक्र इस्तेमाल करता है, जो तारों के साथ जुड़ा रहता है। आज दोनों में लगभग 24 अंश का अंतर है, इसलिए सूर्य हर वैदिक राशि में लगभग 21 तारीख़ के बजाय 14 से 17 तारीख़ के बीच प्रवेश करते हैं।

वैदिक ज्योतिष में कौन सी राशि सबसे अहम है?

सूर्य राशि से ज़्यादा आपकी चंद्र राशि और लग्न मायने रखते हैं। चंद्र राशि मन और भावनाओं को दर्शाती है और भारत में राशिफल इसी से पढ़ा जाता है; लग्न आपकी कुंडली के भाव तय करता है।

अपनी चंद्र राशि और लग्न कैसे जानें?

इसके लिए जन्म तिथि, समय और स्थान चाहिए। मुफ़्त जन्म कुंडली कैलकुलेटर में ये भरें, वह दोनों दिखाता है, साथ में आपका नक्षत्र और महादशा भी।