नक्षत्र 26 / 27 · Uttara Bhadrapada
उत्तर भाद्रपद नक्षत्र: नामाक्षर, चरण और स्वभाव
उत्तर भाद्रपद 27 नक्षत्रों में 26वाँ है, 3°20′ मीन – 16°40′ मीन तक, और इसके स्वामी शनि हैं। नामाक्षर: दू, थ, झ, ञ।
उत्तर भाद्रपद नक्षत्र के चरण और नामाक्षर
हर नक्षत्र के 3°20′ के चार चरण होते हैं। जिस चरण में जन्म के समय चंद्रमा हो, परंपरा से बच्चे का नाम उसी के अक्षर से रखा जाता है। उत्तर भाद्रपद के लिए:
| चरण | अक्षर | राशि | नवांश |
|---|---|---|---|
| 1 | दू Du | मीन | सिंह |
| 2 | थ Tha | मीन | कन्या |
| 3 | झ Jha | मीन | तुला |
| 4 | ञ Na | मीन | वृश्चिक |
उत्तर भाद्रपद नक्षत्र का स्वभाव
समझदार, शांत और संयमी, गहरी भावनात्मक शक्ति के साथ। आप संकट में स्थिर रहते हैं और भीतरी विकास की ओर खिंचते हैं।
मनुष्य गण के जातक व्यावहारिक और संतुलित माने जाते हैं, सांसारिक जीवन में सहज।
जन्म के समय दशा
उत्तर भाद्रपद नक्षत्र में चंद्रमा के साथ जन्म हो, तो विंशोत्तरी दशा शनि से शुरू होती है, जिसकी पूरी अवधि 19 साल है। जन्म के समय कितनी बची है, यह इस पर निर्भर है कि चंद्रमा नक्षत्र में कितना आगे बढ़ चुका था।
कुंडली मिलान में
गण, योनि और नाड़ी नक्षत्र से तय होते हैं और अष्टकूट मिलान के 36 में से 6, 4 और 8 अंक इन्हीं के हैं। दोनों की एक ही नाड़ी होना परंपरा में टाला जाता है।
नामाक्षर पारंपरिक अवकहड़ा चक्र के अनुसार हैं। कुछ अक्षरों की वर्तनी क्षेत्र के अनुसार बदलती है।
अपना जन्म नक्षत्र जानें
जन्म नक्षत्र वह है जिसमें आपके जन्म के समय चंद्रमा था। मुफ़्त जन्म कुंडली में जन्म विवरण डालें और चरण सहित अपना नक्षत्र देखें।
सवाल-जवाब
उत्तर भाद्रपद नक्षत्र से जुड़े सवाल
उत्तर भाद्रपद नक्षत्र के नामाक्षर क्या हैं?
चरण 1: दू, चरण 2: थ, चरण 3: झ, चरण 4: ञ।
उत्तर भाद्रपद नक्षत्र किस राशि में है?
मीन (चरण 1, 2, 3, 4)। यह 3°20′ मीन – 16°40′ मीन तक फैला है।
उत्तर भाद्रपद नक्षत्र का स्वामी और देवता कौन है?
स्वामी ग्रह शनि हैं और देवता अहिर्बुध्न्य (गहराइयों का सर्प)।
उत्तर भाद्रपद नक्षत्र का गण, योनि और नाड़ी क्या है?
गण मनुष्य, योनि गौ (गाय) और नाड़ी मध्य (पित्त)। मनुष्य गण के जातक व्यावहारिक और संतुलित माने जाते हैं, सांसारिक जीवन में सहज।