नक्षत्र 3 / 27 · Krittika
कृत्तिका नक्षत्र: नामाक्षर, चरण और स्वभाव
कृत्तिका 27 नक्षत्रों में 3वाँ है, 26°40′ मेष – 10° वृषभ तक, और इसके स्वामी सूर्य हैं। नामाक्षर: अ, ई, उ, ए।
कृत्तिका नक्षत्र के चरण और नामाक्षर
हर नक्षत्र के 3°20′ के चार चरण होते हैं। जिस चरण में जन्म के समय चंद्रमा हो, परंपरा से बच्चे का नाम उसी के अक्षर से रखा जाता है। कृत्तिका के लिए:
| चरण | अक्षर | राशि | नवांश |
|---|---|---|---|
| 1 | अ A | मेष | धनु |
| 2 | ई I | वृषभ | मकर |
| 3 | उ U | वृषभ | कुंभ |
| 4 | ए E | वृषभ | मीन |
कृत्तिका नक्षत्र का स्वभाव
तीक्ष्ण, ईमानदार और दृढ़, धारदार बुद्धि के साथ। आप जिसकी परवाह करते हैं उसकी रक्षा करते हैं और आधे-अधूरे सच नापसंद करते हैं।
राक्षस गण के जातक दृढ़ इच्छाशक्ति वाले, स्वतंत्र और निडर माने जाते हैं; यह नाम तीव्रता बताता है, बुरा स्वभाव नहीं।
जन्म के समय दशा
कृत्तिका नक्षत्र में चंद्रमा के साथ जन्म हो, तो विंशोत्तरी दशा सूर्य से शुरू होती है, जिसकी पूरी अवधि 6 साल है। जन्म के समय कितनी बची है, यह इस पर निर्भर है कि चंद्रमा नक्षत्र में कितना आगे बढ़ चुका था।
कुंडली मिलान में
गण, योनि और नाड़ी नक्षत्र से तय होते हैं और अष्टकूट मिलान के 36 में से 6, 4 और 8 अंक इन्हीं के हैं। दोनों की एक ही नाड़ी होना परंपरा में टाला जाता है।
नामाक्षर पारंपरिक अवकहड़ा चक्र के अनुसार हैं। कुछ अक्षरों की वर्तनी क्षेत्र के अनुसार बदलती है।
अपना जन्म नक्षत्र जानें
जन्म नक्षत्र वह है जिसमें आपके जन्म के समय चंद्रमा था। मुफ़्त जन्म कुंडली में जन्म विवरण डालें और चरण सहित अपना नक्षत्र देखें।
सवाल-जवाब
कृत्तिका नक्षत्र से जुड़े सवाल
कृत्तिका नक्षत्र के नामाक्षर क्या हैं?
चरण 1: अ, चरण 2: ई, चरण 3: उ, चरण 4: ए।
कृत्तिका नक्षत्र किस राशि में है?
मेष (चरण 1) और वृषभ (चरण 2, 3, 4)। यह 26°40′ मेष – 10° वृषभ तक फैला है।
कृत्तिका नक्षत्र का स्वामी और देवता कौन है?
स्वामी ग्रह सूर्य हैं और देवता अग्नि।
कृत्तिका नक्षत्र का गण, योनि और नाड़ी क्या है?
गण राक्षस, योनि मेष (भेड़) और नाड़ी अंत्य (कफ)। राक्षस गण के जातक दृढ़ इच्छाशक्ति वाले, स्वतंत्र और निडर माने जाते हैं; यह नाम तीव्रता बताता है, बुरा स्वभाव नहीं।